गुरुवार, 29 अक्टूबर 2015

" करवा चौथ "

हमारे हिंदू धर्म मे सुहागन स्त्रियों के लिए 16 श्रृंगार का विशेष महत्व माना गया है।
हर तीज त्योहार पर स्त्रियाँ श्रृंगार कर पूरे विधि विधान से पूजा करती हैं।
कल " करवा चौथ है " ...
मान्यता के अनुसार इस दिन 16 श्रृंगार करने वाली पत्नियों के पति की उम्र लंबी होती है और आपस मे प्रेम बढ़ता है।
16 श्रृंगार मे -
1 बिंदी,
2 कंगन-चूडिय़ां,
3 सिंदूर,
4 काजल,
5 मेहंदी,
6 लाल कपड़े,
7 गजरा,
8 मांग टीका,
9 नथ या कांटा,
10 झुमके,
11 हार,
12 बाजूबंद,
13 अंगूठी,
14 कमरबंद,
15 बिछुआ,
16 आलता और पायल सम्मिलित हैं ।
* बिंदी -
सुहागिन स्त्रियों को कुमकुम या सिंदूर से अपने माथे पर लाल बिंदी जरूर लगाना चाहिए। इसे परिवार की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
* कंगन और चूडिय़ां-
हिन्दू परिवारों में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है कि सास अपनी बडी़ बहू को मुंह दिखाई रस्म मे सुखी और सौभाग्यवती बने रहने के आशीर्वाद के साथ वही कंगन देती है, जो पहली बार ससुराल आने पर उसकी सास ने उसे दिए थे। पारंपरिक रूप से ऐसा माना जाता है कि सुहागिन स्त्रियों की कलाइयां चूडिय़ों से भरी रहनी चाहिए।
* सिंदूर -
सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है।
सात फेरों के बाद जब दूल्हा , दुल्हन की मांग भरता है तो इसका अर्थ होता है कि वह उसका साथ जीवन भर निभाएगा।
इसलिए विवाह के बाद स्त्री को अपने पति की लंबी उम्र की कामना के साथ प्रतिदिन मांग भरना चाहिए।
* काजल -
काजल आंखों का श्रृंगार है।
इससे आंखों की सुंदरता तो बढ़ती ही है।
साथ ही,काजल की बुरी नजर से भी बचाता है।
इसे भी धर्म ग्रंथों मे सौभाग्य का प्रतीक माना गया है।
* मेहंदी-
मेहंदी के बिना सिंगार अधूरा माना जाता है।
इसलिए त्योहार पर परिवार की सुहागिन स्त्रियां अपने हाथों और पैरों मे मेहंदी रचाती है।
इसे सौभाग्य का शुभ प्रतीक तो माना ही जाता है ,साथ ही, मेहंदी लगाना त्वचा के लिए भी अच्छा होता है।
* लाल कपड़े-
विवाह के समय दुल्हन को सुसज्जित शादी का लाल जोड़ा पहनाना शुभ माना जाता है।
विवाह के बाद भी कोई त्योहार हो या कोई भी शुभ काम हो और घर की स्त्रियां लाल रंग के कपड़े पहने तो बहुत शुभ माना जाता है।
* गजरा-
यदि कोई सुहागन स्त्री रोज सुबह नहाकर सुगंधित फूलों का गजरा लगाकर भगवान की पूजा करती है तो बहुत शुभ माना जाता है।
कहा जाता है कि ऐसा करने से घर मे स्थिर लक्ष्मी का निवास होता है।
* मांग टीका-
मांग के बीचों बीच पहना जाने वाला यह स्वर्ण आभूषण सिंदूर के साथ मिलकर स्त्री की सुंदरता में चार चांद लगा देता है।
इसे भी सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
* नथ या कांटा-
विवाह के बाद यदि कोई स्त्री नाक मे नथ या कांटा नहीं पहनती तो उसे अच्छा नहीं माना जाता है, क्योंकि इसे भी सौभाग्य से जोड़ कर देखा जाता है।
* कान के गहने -
कान मे पहने जाने वाले आभूषण कई तरह की सुंदर आकृतियों मे आते हैं। विवाहित स्त्री के लिए इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है , साथ ही, कर्ण छेदन से कई बीमारियां भी दूर रहती हैं।
* मंगलसूत्र -
गले मे पहना जाने वाला सोने या मोतियों का हार , पति के प्रति सुहागन स्त्री के वचनबद्धता का प्रतीक माना जाता है।
विवाह के समय वधू के गले मे , वर मंगलसूत्र (काले रंग की बारीक मोतियों का हार जो सोने की चेन में गुंथा होता है) पहनाने की रस्म निभाता है।
इसी से उसके विवाहित होने का संकेत मिलता है।
इसलिए गले मे हार या मंगलसूत्र पहनना शुभ माना जाता है।
* बाजूबंद -
कड़े के समान आकृति वाला यह आभूषण सोने या चांदी का होता है।
यह बांहों में पूरी तरह कसा रहता है, इसी कारण इसे बाजूबंद कहा जाता है। किसी भी त्योहार या धार्मिक आयोजन पर सुहागन स्त्रियों का इसे पहनना शुभ माना जाता है।
* अंगूठी -
सगाई की रस्म में वर-वधू एक-दूसरे को अंगूठी पहनाते हैं।
यह बहुत प्राचीन परंपरा है।
अंगूठी को सदियों से पति-पत्नी के आपसी प्यार और विश्वास का प्रतीक माना जाता रहा है।
विवाह के बाद भी स्त्री का इसे पहने रहना शुभता का प्रतीक माना जाता है।
* कमरबंद -
कमरबंद कमर मे पहना जाने वाला आभूषण है, जिसे स्त्रियां विवाह के बाद पहनती है।
इससे उनकी छरहरी काया और भी आकर्षक दिखाई देती है।
कमरबंद इस बात का प्रतीक कि स्त्री अपने घर की स्वामिनी है।
किसी भी शुभ अवसर पर यदि घर की स्त्री कमरबंद पहने तो उसे लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है।
* बिछुआ -
पैरों के अंगूठे मे रिंग की तरह पहने जाने वाले इस आभूषण को अरसी या अंगूठा कहा जाता है।
इस आभूषण के अलावा स्त्रियां छोटी उंगली को छोड़कर तीनों उंगलियों मे बिछुआ पहनती है।
बिछुआ स्त्री के सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
* पायल-
पैरों मे पहने जाने वाले इस आभूषण के घुंघरुओं की सुमधुर ध्वनि को बहुत शुभ माना जाता है।
हर सौभाग्यवती स्त्री को पैरों मे पायल जरूर पहनना चाहिए।
* आलता-
सुहागन औरतें पैरों मे मेहंदी एवं आलता भी लगाती हैं।
!! ॐ नमः शिवाय !!

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2015

पेट में अजीब सी गुड़गुड़ाहट और दर्द


• पेट में अजीब सी गुड़गुड़ाहट और दर्द –
Message Body:
नमस्कार श्रीमान, मेरे पेट मे कई वर्षों से गुडगुडाहट भरी अवाज आती है
फिर कुछ देर बाद दर्द शुरू हो जाता है. 
अक्सर नाभी टल जाती है.
अल्ट्रा साउन्ड़, एक्सरे, इंडोस्कोपी मे सब नारमल आता है,
मुझे हृदय संबंधी समस्या एक बार हुयी जो कि मुझे लगता है कि डॉ. ने बढा कर बता दी थी, लेकिन कुछ देशी नुश्खे अजमाने पर मै ठीक हुँ
अब हृदय संबंधी एलोपैथी दवा नही ले रहा हुँ.
कई साल पह्ले मुझे डॉ. ने एक और दवा खिलायी थी, वो भी तथाकथित मिर्गी की
जो कि समस्या मेरे नासा छिद्र मे कुछ फँस जाने से थी.
लेकिन बाद मे मात्र छींक वाली क्रिया से किसी वैध्य ने ठीक की.
बचपन मे बताते हैं कि मुझे ट्यूबर भी एक बार हुवा था
अब ऐसा कुछ नही मगर गैस, नाभी टलना और रक्त अम्लता का अगर कोई समाधान हो तो बतायें
आपका उपचार –
• पेट दर्द –
किसी भी प्रकार का पेट दर्द, आँतों की झिल्ली मे सूजन, ऐठन, रह-रह कर तेज दर्द उठना व वायु बनना आदि समस्याओं के लिए निम्न उपचार लें -
1. आप सल्फर 200 को सुबह 7 बजे, दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को आठ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. मेग फास 200 की पांच बूँद आधा गिलास पानी में डाल कर दिन में दो बार लें.
3. बर्बेरिस वल्गेरिस Q को पेट पर लगायें और उसकी 20 बूँद आधा कप पानी में डालकर हर दो-दो घंटे से लें.
4. साथ ही बायो काम्ब नं. 3 की छः गोली दिन में चार बार लम्बे समय तक लें.
5. रोज रात को सोते समय होम्योलेक्स की एक गोली गुनगुने पानी से तीन दिन तक लें. फिर इसे हर हफ्ते एक बार लेते रहे.
इनसे अगर दो दिन में आराम न हो, तो आप निम्न दवा एक हफ्ते तक लें.
6. HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 41 की दो गोली दिन में चार बार लें
7. HSL कम्पनी की DROX 5 की 20 बूँद आधा कप पानी से दिन में चार बार लें.
• शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग –
हमेशा स्वस्थ रहने के लिए कोई भी व्यक्ति या परिवार अगर निम्न उपचार द्वारा अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करता है और खान-पान तथा एक्सरसाइज भी निम्न अनुसार लेता है, तो उसे कभी भी कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होगी और वह आजीवन सपरिवार स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेगा -
1. सबसे पहले आप सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200 को, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. इन दवाइयों को लेने के एक हफ्ते बाद हर 15-15 दिन में सोरिनम 200 का मात्र एक-एक पांच बूँद का डोज चार बार तक ले, ताकि आपके शरीर के अंदर जमा दवाई और दूसरे अन्य केमिकल और पेस्टीसाइड के विकार दूर हो सकें और आपके शरीर के सभी ह्रदय, फेफड़े, लीवर, किडनी आदि मुख्य अंग सुचारू रूप से कार्य कर सकेंगे. बच्चों और ज्यादा वृद्धों में ये सभी दवा 30 की पावर में दें.
3. अगर कब्ज रहता हो, तो होम्योलेक्स या HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 67 की एक या आधी गोली रोज रात एक सफ्ताह तक 9.30 बजे लें. इसके बाद हर व्यक्ति को चाहिए कि वह इसे हर हफ्ते एक या आधी गोली रात्रि 9.30 बजे ले.
4. आप सुबह दो से चार गिलास कुनकुना पानी पीकर 5 मिनिट तक कौआ चाल (योग क्रिया) करें.
5. साथ ही पांच या अधिक से अधिक दस बार तक सूर्य नमस्कार करें. फिर 200 से 500 बार तक कपाल-भांति करें. इसके बाद प्राणायाम करें.
6. रोज सुबह और रात को 15-15 मिनिट का शवासन भी करें.
7. फिर एक घंटे बाद अगर सूट करे, तो कम से कम एक माह तक नारियल पानी लें.
8. सुबह और शाम को अगर संभव हो, तो एक घंटा अवश्य घूमें.
9. रात को सोते समय अष्टावक्र गीता में बताये अनुसार दो मिनिट के लिए “मैं स्वयं ही तीन लोक का चैतन्य सम्राट हूँ” ऐसा जाप करें.
10. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के चार्ज किये और मिलाकर बने चुम्बकित जल को लगभग 50 मिलीलीटर की मात्रा में रोज दिन में 3 बार उपयोग करें.
11. रोज सुबह उच्च शक्ति चुम्बकों को हथेलियों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए लगायें और रात्रि को खाने के दो घंटे बाद पैर के तलुवों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए दक्षिणी चुम्बक को बायीं ओर और उत्तरी चुम्बक को दाहिनी ओर लगाये.
12. गेंहू, जौ, देसी चना और सोयाबीन को सम भाग मिलाकर पिसवा ले और उसकी रोटी सादे मसाले की रेशेदार सब्जी से खाएं. दाल का प्रयोग कम कर दें.
13. बारीक आटे व मैदे से बनी वस्तुएं, तली वस्तुएं एव गरिष्ठ भोजन का त्याग करे।
14. सुबह-शाम चाय के स्थान पर नीबू का रस गरम पानी में मिला कर पिएं।
15. खाने में सिर्फ सेंधे नमक का प्रयोग करें.
16. रात को सोने से पहले पेट को ठण्डक पहुँचायें। इसके लिए खाने के चार घंटे बाद एक नेपकिन को सामान्य ठन्डे पानी से गीली करके पेट पर रखें और हर दो मिनिट में पलटते रहें. 15 मिनिट से 20 मिनिट तक इसे करें.
17. मैथी दाना 250 ग्राम, अजबाइन 100 ग्राम और काली जीरी 50 ग्राम को पीस कर इस चूर्ण को कुनकुने पानी से रात्रि 9.30 बजे एक चम्मच लें.
18. रात्रि को खाना और जमीकंद खाना, शराब पीना व धूम्रपान अगर करते हों या तम्बाखू खाते हों, तो इन्हें बंद करें. शाकाहारी भोजन ही लें.
19. अपने शरीर की सालाना ओवरहालिंग के लिए साल में एक बार अपने आसपास के किसी भी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में जाकर वहां का दस दिन का कोर्स करें.
20. अपने घर के बुजुर्ग लोगों की रोज एक घंटे के लिये सेवा और मदद करें.
21. अपने आसपास की झोपड़पट्टी में रहने वाले किसी गरीब व्यक्ति की हर हफ्ते जाकर मदद करें.
22. अध्यात्मिक कैप्सूल के रूप में मेरी पुस्तक मुक्तियाँ की एक-एक मुक्ति तीन माह तक रोज पढ़ें. इससे आपकी नेगेटिव एनर्जी कम होगी और पॉजिटिव एनर्जी बहुत तेजी से बढेगी.
23. मेरी स्वस्थ रहे, स्वस्थ करें, मुक्तियाँ और अन्य कई पुस्तकों को मेरे Samadhan समाधान ग्रुप से निशुल्क डाउन लोड करें. आप चाहे तो अपना email address मेरे मेसेज बाक्स में दे दे, तो मैं आपको डायरेक्ट मेल कर दूंगा.
24. होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब नम्बर से मिलती हैं. इनके नम्बर ध्यान से लिखें. साथ ही होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब में कन्फ्यूज न हों. इन्हें साफ़-साफ़ लिखें.
25. किसी भी गंभीर मरीज को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को तत्काल दिखायें.
26. होम्योपैथी की दवाइयों को मुंह साफ़ करके कुल्ला करके लेना चाहिए. इनको लेते समय किसी भी तरह की सुगन्धित चीजों और प्याज, लहसुन, काफी, हींग और मांसाहार आदि से बचे और दवा लेने के आधा घंटा पहले और बाद में कुछ न लें.
27. हर दिन नई एलोपथिक दवाइयां बन रही हैं और अधिकांश पुरानी दवाइयों के घातक और खतरनाक परिणामों के कारण इन्हें कुछ ही वर्षों में भारत को छोड़ कर विश्व के कई देशों में बेन भी किया जा रहा है.
28. हमें भी चाहिये कि हम मात्र एलोपथिक दवाइयों पर ही निर्भर न रहकर योगासन, सूर्य किरण भोजन, अमृत-जल या सूर्य किरण जल चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, बायोकेमिक दवाइयाँ आदि निर्दोष प्रणालियों को अपना कर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित करें.
29. इस तरह दवा मुक्त विश्व का निर्माण करना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है और इसके लिए आप सभी का सहयोग चाहिये, जो आप मेरे इन सन्देशों को दूर-दूर तक फैला कर मुझे दे सकते हैं.
30. मेरी सभी स्वास्थ्य सम्बन्धी, लोक कल्याण, मानवाधिकार और आध्यात्मिक पोस्ट और पुस्तकों को देखने और उन्हें डाउनलोड करने के लिए आप मेरे ग्रुप “HEALTH CARE स्वस्थ रहो, स्वस्थ करो” और “Samadhan समाधान” से जुड़ सकते हैं और अपने दोस्तों को भी जोड़ सकते हैं.
31. मेरे नये ग्रुप “Guru Aastha Parivar” में आप सभी का स्वागत है. अतः मेरे इस इस शाश्वत कल्याणकारी ग्रुप से खुद भी जुड़े और अपने संगी-साथी को भी जोड़कर उनका भी अपने निज-परमात्मा के चैतन्य-चमत्कार से परिचय करवाएं.

रविवार, 25 अक्टूबर 2015

****शरीर से जानिये कुछ बाते *** वर्ण व्यवस्था :- के गुण

****शरीर से जानिये कुछ बाते ***
1. अगर यदि आप कि जबान आपके नाक को छूति है तो व्यक्ति स्पष्टवादी होता है । तथा एक उच्च कोटी का साधक बन सकता है ।
2. अगर यदि आपके हाथ खडे होने पर आपके घुटनों तक पहुँचते है तो निश्चित रूप से व्यक्ति जीवन में राज करता है ।
3. अगर यदि आपके मुँह में पूरे 32 दाँत है तो आपका पूरा जीवन आराम से कट जायेगा । विषम संख्या में दाँत होने पर आपको बहुत कष्टों का सामना करना पडेगा ।
4.जिस स्त्री के शरीर पर पुरूषों के समान बाल हो, या दाढी या मूँछ आती हो तो वह जीवन में विधवा अवश्य होती है ।
5.अगर यदि आपके अँगुठे के पीछे बाल हो तो आपकि बुद्धि तीव्र है ।
6.जिस व्यक्ति कि आँखों कि पलके बहुत जल्दी जल्दी झपकती हो, उस पर भूलकर भी विश्वास नहीं करे ।
7.पुरूषों के शरीर पर दाँये भाग में तिल शुभ होते है, तथा स्त्रियों के शरीर पर बाँये भाग में शुभ होते है ।
8.स्त्रियों कि कमर 24 अंगुल कि बहुत शुभ मानी जाती है ।
9.अगर यदि आपकि नाक तोते के समान है, तो आप लखपति जरूर बनेंगे ।
10. जिस पुरूष या स्त्री कि भौंहों पर बाल बहुत कम हो या नहीं हो, वो चापलूस, स्वार्थी तथा दब्बु प्रवृति के होते है ।
11. अगर यदि आप आवश्यकता से अधिक पानी बर्बाद करते है, या फालतु बहाते है, तो आपके परिवार कि सुख शान्ती भी उसी पानी के साथ बह जाती है तथा जीवन में धन का अभाव होता है, यह 100% सत्य बात है । अगर यदि आप व्यर्थ बहते हुये पानी को बचाते है तो आपको शुभ परिणाम मिलेंगे ।



वर्ण व्यवस्था :- के गुण
(a) ऐतरेय ऋषि दास अथवा अपराधी के पुत्र थे | परन्तु उच्च कोटि के ब्राह्मण बने और उन्होंने ऐतरेय ब्राह्मण और ऐतरेय उपनिषद की रचना की | ऋग्वेद को समझने के लिए ऐतरेय ब्राह्मण अतिशय आवश्यक माना जाता है |
(b) ऐलूष ऋषि दासी पुत्र थे | जुआरी और हीन चरित्र भी थे | परन्तु बाद में उन्होंने अध्ययन किया और ऋग्वेद पर अनुसन्धान करके अनेक अविष्कार किये |ऋषियों ने उन्हें आमंत्रित कर के आचार्य पद पर आसीन किया | (ऐतरेय ब्राह्मण २.१९)

(c) सत्यकाम जाबाल गणिका (वेश्या) के पुत्र थे परन्तु वे ब्राह्मणत्व को प्राप्त हुए |
(d) राजा दक्ष के पुत्र पृषध शूद्र हो गए थे, प्रायश्चित स्वरुप तपस्या करके उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया | (विष्णु पुराण ४.१.१४)
अगर उत्तर रामायण की मिथ्या कथा के अनुसार शूद्रों के लिए तपस्या करना मना होता तो पृषध ये कैसे कर पाए?
(e) राजा नेदिष्ट के पुत्र नाभाग वैश्य हुए | पुनः इनके कई पुत्रों ने क्षत्रिय वर्ण अपनाया | (विष्णु पुराण ४.१.१३)
(f) धृष्ट नाभाग के पुत्र थे परन्तु ब्राह्मण हुए और उनके पुत्र ने क्षत्रिय वर्ण अपनाया | (विष्णु पुराण ४.२.२)
(g) आगे उन्हींके वंश में पुनः कुछ ब्राह्मण हुए | (विष्णु पुराण ४.२.२)
(h) भागवत के अनुसार राजपुत्र अग्निवेश्य ब्राह्मण हुए |
(i) विष्णुपुराण और भागवत के अनुसार रथोतर क्षत्रिय से ब्राह्मण बने |
(j) हारित क्षत्रियपुत्र से ब्राह्मण हुए | (विष्णु पुराण ४.३.५)
(k) क्षत्रियकुल में जन्में शौनक ने ब्राह्मणत्व प्राप्त किया | (विष्णु पुराण ४.८.१) वायु, विष्णु और हरिवंश पुराण कहते हैं कि शौनक ऋषि के पुत्र कर्म भेद से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र वर्ण के हुए| इसी प्रकार गृत्समद, गृत्समति और वीतहव्य के उदाहरण हैं |
(l) मातंग चांडालपुत्र से ब्राह्मण बने |
(m) ऋषि पुलस्त्य का पौत्र रावण अपने कर्मों से राक्षस बना |
(n) राजा रघु का पुत्र प्रवृद्ध राक्षस हुआ |
(o) त्रिशंकु राजा होते हुए भी कर्मों से चांडाल बन गए थे |
(p) विश्वामित्र के पुत्रों ने शूद्र वर्ण अपनाया | विश्वामित्र स्वयं क्षत्रिय थे परन्तु बाद उन्होंने ब्राह्मणत्व को प्राप्त किया |
(q) विदुर दासी पुत्र थे | तथापि वे ब्राह्मण हुए और उन्होंने हस्तिनापुर साम्राज्य का मंत्री पद सुशोभित किया |
(r) वत्स शूद्र कुल में उत्पन्न होकर भी ऋषि बने (ऐतरेय ब्राह्मण २.१९) |

बुधवार, 21 अक्टूबर 2015

• साइटिका का दर्द -


• साइटिका का दर्द -
इस रोग में साइटिका नर्व का दर्द, कमर से एड़ी तक दर्द, पिंडलियों में दर्द, कमर में मोच आना, पैरों में शून्यता आना आदि तकलीफ हो जाती है.
इस रोग में ज्यादा एलोपैथी दवा लेने से कई बार दमा या सांस फूलने की बीमारी हो जाती है। फेफड़े और ह्रदय भी रोग ग्रस्त हो जाते हैं। इसका असर आंखों पर होने से आंखें लाल हो जाती हैं, उनमें से पानी आने लगता है, मांसपेशियों पर असर होने पर पेशियों में दर्द भी होता है.
इस रोग का जल्द ही सुचारू इलाज करवा लें, अन्यथा आपके जोड़ों में विकृति आ सकती है. फिर आप आजीवन लाचार हो सकते हैं.
इन सभी परेशानियों के उपचार के लिए आप निम्न दवा ले सकते हैं -
1. सुबह उठते ही सबसे पहले आप सल्फर 200 को कुल्ला करके 7 बजे, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 23 की दो गोली दिन में चार बार लें.
3. DROX नं. 24 की दस बूँद आधा कप पानी में दिन में चार बार लें.
4. बायोकाम्ब नं. 42 की छः पिल्स को दिन में चार बार कुनकुने पानी से लें.
5. दर्द और सूजन के लिए आप HSL कम्पनी की RHUS BRYO आइन्टमेंट को भी लगा सकते हैं.
6. अगर कभी भी दर्द ज्यादा हो, तो डाबर (आयुर्वेदिक) की सरबाइना स्ट्रांग की एक गोली भी ले सकते हैं.
क्या करें और क्या न करें :-
1. रोगी को चित्र में बताये अनुसार योग करना चाहिए.
2. कम प्रोटीन व कम वसा वाली शाकाहारी खुराक का सेवन करना चाहिए।
3. भोजन में अधिक मात्रा में सलाद व हल्की पकी हुई सब्जियों का सेवन कर सकते हैं।
4. इस रोग से पीड़ित रोगी को तनाव से बचना चाहिए।
5. रोगी को स्वास्थ्य बनाये रखने के लिए विशेष उपाए अपनानी चाहिए।
6. पौष्टिक खुराक का सेवन करना चाहिए।
7. स्वास्थ्य के नियमों का पालन करना चाहिए।
8. फलों व सब्जियों का प्रयोग रोगी के लिए लाभदायक है।
9. प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक पैदल चलना लाभदायक होता है।
10. मांस, अम्लीय फल जैसे सन्तरा, नींबू, कॉफी, चाय तथा एल्कोहल आदि पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए।
11. दूध का सेवन नहीं या कम करना चाहिए।
12. सुबह के समय में पैदल घूमना चाहिए।
13. हल्का गर्म पानी से स्नान करना चाहिए।
14. यदि दर्द अधिक तेज हो तो आराम करना चाहिए
15. अपने शरीर को सक्रिय रखना चाहिए।
16. प्रतिदिन सुबह तथा शाम को व्यायाम करना चाहिए।
17. गर्म पानी की बोतल से रोग ग्रस्त भाग की सिंकाई करनी चाहिए।
18. इच्छा शक्ति को दृढ़ रखना चाहिए।
19. तनाव से मुक्त रहने के लिए योग तथा आसनों का सहारा लेना चाहिए।
20. यदि शरीर का वजन अधिक हो गया हो या अधिक मोटे हो तो उसे कम करने का प्रयास करना चाहिए।
21. इस रोग से यदि कमर तथा पैर अधिक प्रभावित हो तो भारी वस्तुए नहीं उठानी चाहिए।
22. कड़ी मेहनत वाले काम नहीं करना चाहिए।
23. रोग के होने पर रोगी को कभी भी हताश नहीं रहना चाहिए।
• शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग –
हमेशा स्वस्थ रहने के लिए कोई भी व्यक्ति या परिवार अगर निम्न उपचार द्वारा अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करता है और खान-पान तथा एक्सरसाइज भी निम्न अनुसार लेता है, तो उसे कभी भी कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होगी और वह आजीवन सपरिवार स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेगा -
1. सबसे पहले आप सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200 को, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. इन दवाइयों को लेने के एक हफ्ते बाद हर 15-15 दिन में सोरिनम 200 का मात्र एक-एक पांच बूँद का डोज चार बार तक ले, ताकि आपके शरीर के अंदर जमा दवाई और दूसरे अन्य केमिकल और पेस्टीसाइड के विकार दूर हो सकें और आपके शरीर के सभी ह्रदय, फेफड़े, लीवर, किडनी आदि मुख्य अंग सुचारू रूप से कार्य कर सकेंगे. बच्चों और ज्यादा वृद्धों में ये सभी दवा 30 की पावर में दें.
3. अगर कब्ज रहता हो, तो होम्योलेक्स या HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 67 की एक या आधी गोली रोज रात एक सफ्ताह तक 9.30 बजे लें. इसके बाद हर व्यक्ति को चाहिए कि वह इसे हर हफ्ते एक या आधी गोली रात्रि 9.30 बजे ले.
4. आप सुबह दो से चार गिलास कुनकुना पानी पीकर 5 मिनिट तक कौआ चाल (योग क्रिया) करें.
5. साथ ही पांच या अधिक से अधिक दस बार तक सूर्य नमस्कार करें. फिर 200 से 500 बार तक कपाल-भांति करें. इसके बाद प्राणायाम करें.
6. रोज सुबह और रात को 15-15 मिनिट का शवासन भी करें.
7. फिर एक घंटे बाद अगर सूट करे, तो कम से कम एक माह तक नारियल पानी लें. या फिर इसे दोपहर चार बजे भी ले सकते हैं.
8. सुबह और शाम को अगर संभव हो, तो एक घंटा अवश्य घूमें.
9. रात को सोते समय अष्टावक्र गीता में बताये अनुसार दो मिनिट के लिए “मैं स्वयं ही तीन लोक का चैतन्य सम्राट हूँ” ऐसा जाप करें.
10. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के चार्ज किये और मिलाकर बने चुम्बकित जल को लगभग 50 मिलीलीटर की मात्रा में रोज दिन में 3 बार उपयोग करें.
11. रोज सुबह उच्च शक्ति चुम्बकों को हथेलियों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए लगायें और रात्रि को खाने के दो घंटे बाद पैर के तलुवों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए दक्षिणी चुम्बक को बायीं ओर और उत्तरी चुम्बक को दाहिनी ओर लगाये.
12. गेंहू, जौ, देसी चना और सोयाबीन को सम भाग मिलाकर पिसवा ले और उसकी रोटी सादे मसाले की रेशेदार सब्जी से खाएं. दाल का प्रयोग कम कर दें.
13. बारीक आटे व मैदे से बनी वस्तुएं, तली वस्तुएं एव गरिष्ठ भोजन का त्याग करे।
14. सुबह-शाम चाय के स्थान पर नीबू का रस गरम पानी में मिला कर पिएं।
15. खाने में सिर्फ सेंधे नमक का प्रयोग करें.
16. रात को सोने से पहले पेट को ठण्डक पहुँचायें। इसके लिए खाने के चार घंटे बाद एक नेपकिन को सामान्य ठन्डे पानी से गीली करके पेट पर रखें और हर दो मिनिट में पलटते रहें. 15 मिनिट से 20 मिनिट तक इसे करें.
17. मैथी दाना 250 ग्राम, अजबाइन 100 ग्राम और काली जीरी 50 ग्राम को पीस कर इस चूर्ण को कुनकुने पानी से रात्रि 9.30 बजे एक चम्मच लें.
18. रात्रि को खाना और जमीकंद खाना, शराब पीना व धूम्रपान अगर करते हों या तम्बाखू खाते हों, तो इन्हें बंद करें. शाकाहारी भोजन ही लें.
19. अपने शरीर की सालाना ओवरहालिंग के लिए साल में एक बार अपने आसपास के किसी भी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में जाकर वहां का दस दिन का कोर्स करें.
20. अपने घर के बुजुर्ग लोगों की रोज एक घंटे के लिये सेवा और मदद करें.
21. अपने आसपास की झोपड़पट्टी में रहने वाले किसी गरीब व्यक्ति की हर हफ्ते जाकर मदद करें.
22. अध्यात्मिक कैप्सूल के रूप में मेरी पुस्तक मुक्तियाँ की एक-एक मुक्ति तीन माह तक रोज पढ़ें. इससे आपकी नेगेटिव एनर्जी कम होगी और पॉजिटिव एनर्जी बहुत तेजी से बढेगी.
23. मेरी स्वस्थ रहे, स्वस्थ करें, मुक्तियाँ और अन्य कई पुस्तकों को मेरे Samadhan समाधान ग्रुप से निशुल्क डाउन लोड करें. आप चाहे तो अपना email address मेरे मेसेज बाक्स में दे दे, तो मैं आपको डायरेक्ट मेल कर दूंगा.
24. होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब नम्बर से मिलती हैं. इनके नम्बर ध्यान से लिखें. साथ ही होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब में कन्फ्यूज न हों. इन्हें साफ़-साफ़ लिखें.
25. किसी भी गंभीर मरीज को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को तत्काल दिखायें.
26. होम्योपैथी की दवाइयों को मुंह साफ़ करके कुल्ला करके लेना चाहिए. इनको लेते समय किसी भी तरह की सुगन्धित चीजों और प्याज, लहसुन, काफी, हींग और मांसाहार आदि से बचे और दवा लेने के आधा घंटा पहले और बाद में कुछ न लें.
27. हर दिन नई एलोपथिक दवाइयां बन रही हैं और अधिकांश पुरानी दवाइयों के घातक और खतरनाक परिणामों के कारण इन्हें कुछ ही वर्षों में भारत को छोड़ कर विश्व के कई देशों में बेन भी किया जा रहा है.
28. हमें भी चाहिये कि हम मात्र एलोपथिक दवाइयों पर ही निर्भर न रहकर योगासन, सूर्य किरण भोजन, अमृत-जल या सूर्य किरण जल चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, बायोकेमिक दवाइयाँ आदि निर्दोष प्रणालियों को अपना कर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित करें.
29. इस तरह दवा मुक्त विश्व का निर्माण करना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है और इसके लिए आप सभी का सहयोग चाहिये, जो आप मेरे इन सन्देशों को दूर-दूर तक फैला कर मुझे दे सकते हैं.
30. मेरी सभी स्वास्थ्य सम्बन्धी, लोक कल्याण, मानवाधिकार और आध्यात्मिक पोस्ट और पुस्तकों को देखने और उन्हें डाउनलोड करने के लिए आप मेरे ग्रुप “HEALTH CARE स्वस्थ रहो, स्वस्थ करो” और “Samadhan समाधान” से जुड़ सकते हैं और अपने दोस्तों को भी जोड़ सकते हैं.

कर्ज हो तो –कौडिय़ों के कुछ प्रयोग इस प्रकार हैं-

कर्ज हो तो –
किसी के सिर पर कर्जा है तो एक सफेद कपड़ा ले लिया और पाँच फूल गुलाब के ले लिए |एक फुल हाथ में लिया और गायत्री मंत्र बोल देना : *ॐ भू र्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात् |* और कपड़े पर रख दिया | ऐसे पाँचो फुल गायत्री मंत्र जपते हुये कपडे पर रख दिये और कपड़े को गठान लगाईं और प्रार्थना पूर्वक कि मेरे सिर पर जो भार है.. हे भगवान, हे भागीरथी गंगा !! वो भार भी बह जाये, दूर हो जाये, नष्ट हो जाये ऐसा करके जो कपड़ा बाँधा है फूल रखकर वो बहा दे |

कौडिय़ों के कुछ प्रयोग इस प्रकार हैं-
1- यदि प्रमोशन नहीं हो रहा है तो 11 कौडिय़ां लेकर किसी लक्ष्मी मंदिर में अर्पित कर दें। आपके
प्रमोशन का रास्ते खुल जाएंगे।
2- यदि दुकान में बरकत नहीं हो रही है तो दुकान के गल्ले में 7 कौडिय़ां रखें और सुबह-शाम
इनकी पूजा करें। निश्चित ही बरकत होने लगेगी।
3- यदि आप नया घर बनवा रहे हैं तो उसकी नींव में 21 कौडिय़ां डाल दें। ऐसा करने से आपके घर
में कभी पैसों की कमी नहीं रहेगी और घर में सुख-शांति भी बनी रहेगी।
4- अगर आपने नया वाहन खरीदा है तो उस पर 7 कौडिय़ां एक काले धागे में पिरोकर बांध दें।
इससे वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना कम हो जाएगी।

[आसान और सुन्दर गणित]

[आसान और सुन्दर गणित]
1 x 8 + 1 = 9
12 x 8 + 2 = 98
123 x 8 + 3 = 987
1234 x 8 + 4 = 9876
12345 x 8 + 5 = 98765
123456 x 8 + 6 = 987654
1234567 x 8 + 7 = 9876543
12345678 x 8 + 8 = 98765432
123456789 x 8 + 9 = 987654321
_______________________________________
1 x 9 + 2 = 11
12 x 9 + 3 = 111
123 x 9 + 4 = 1111
1234 x 9 + 5 = 11111
12345 x 9 + 6 = 111111
123456 x 9 + 7 = 1111111
1234567 x 9 + 8 = 11111111
12345678 x 9 + 9 = 111111111
123456789 x 9 + 10 = 1111111111
____________________________________________
9 x 9 + 7 = 88
98 x 9 + 6 = 888
987 x 9 + 5 = 8888
9876 x 9 + 4 = 88888
98765 x 9 + 3 = 888888
987654 x 9 + 2 = 8888888
9876543 x 9 + 1 = 88888888
98765432 x 9 + 0 = 888888888
___________________________________________
12345679 x 9 = 111111111
12345679 x 18 = 222222222
12345679 x 27 = 333333333
12345679 x 36 = 444444444
12345679 x 45 = 555555555
12345679 x 54 = 666666666
12345679 x 63 = 777777777
12345679 x 72 = 888888888
12345679 x 81 = 999999999

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2015

किडनी को बचाइये


Muktiya's photo.
· 
• इंडियन वैल्यूज अपनाइये, किडनी को बचाइये -
आप जानते ही हैं कि पूरे संसार में कैंसर और दिल की बीमारी के बाद किडनी की खराबी तीसरी सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी बनती जा रही है.
दी नेशनल फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के एक अध्ययन के अनुसार हमारे देश में भी किडनी की बीमारी के मरीज काफी तेजी से बढ़ रहे हैं.
दोनों किडनी ख़राब होने के कारण हर साल भारत में लगभग एक लाख किडनी ट्रांसप्लांट करने की जरुरत पड़ रही है.
कई शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था में दवाइयों के अत्यधिक प्रयोग से कोख में ही शिशुओं की किडनी फेल हो रही है.
आखिर इतनी ज्यादा मात्रा में किडनी फ़ैल क्यों हो रही हैं?
क्या कोई ऐसा उपाय हो सकता है कि हमारी किडनी कभी भी खराब ही न हो?
आप सभी जानते ही हैं कि अधिकांश लोगों को अधिकतर एलोपथिक दवाइयां पूरी तरह पचती नहीं है, जिसके कारण हमारी किडनी को बची हुई दवाइयों को बाहर निकलने में अत्यधिक परेशानी आती है. यही कारण है कि आज बहुत से लोगों की किडनी जल्द ही ख़राब हो जाती है, जबकि भगवान ने एक किडनी की ही जरुरत होने पर भी हमें दो किडनी दी हैं, जबकि शरीर के अधिकाँश आंतरिक अंग एक ही बनाएं हैं.
सच्चाई यह है कि शरीर की एक्सरसाइज की तरह ही हमारी किडनी की भी एक्सरसाइज करना बहुत जरुरी होता है, ताकि वह अपने निम्न कार्य सुचारू रूप से कर सके –
1. शरीर की शुद्धि का कार्य,
2. शरीर में जल स्तर बनाये रखने का कार्य
3. ब्लड प्रेशर मेंटेन करने के लिए हारमोन उत्पादन का कार्य
4. शरीर से विजातीय और गैर जरुरी तत्वों को बाहर निकालने का कार्य.
हमारे स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए ये सब कार्य अत्यंत जरुरी हैं, लेकिन हमारी किडनी की उचित देखभाल का कार्य हमारी इंडियन वैल्यूज के संस्कार कर हमें नीरोगी रखते थे.
लेकिन आज की आधुनिकता में हम अपने संस्कारों को भूल गये हैं. हमारे इन संस्कारों से ही अपने आप किडनी की एक्सरसाइज होती रहती थी. जिन घरों में आज भी ये संस्कार निभाये जाते हैं, उन घरों में आज भी किडनी की समस्या नहीं रहती है.
अतः हमारा प्रयत्न यह होना चाहिए कि हमारे परिवार में किसी को भी किडनी ट्रांसप्लांट करने की जरुरत नहीं पड़े.
हमारे विश्व प्रसिद्ध ये भारतीय संस्कार जिनसे किडनी में संकुचन होता है और उसकी एक्सरसाइज होती है; वे इस तरह के होते हैं -
1. हमारे माँ-बाप, सभी बड़ो को, बुजुर्गों को सुबह उठते समय और रात को सोते समय झुक कर नमस्कार करना या घुटनों के बल धोक देने की परम्परा.
2. सुबह-शाम मंदिर में जाकर घुटनों के बल झुक कर भगवान को नमस्कार करने की भावना
3. हमारी प्राचीन जमीन पर बैठकर भोजन करने की परम्परा भूल को भूल कर अब हम डाइनिंग टेबल कुर्सी पर भोजन कर रहे हैं.
4. फ्रेश होने के लिए अब हम टॉयलेट में घुटनों के बल इंडियन सीट पर नहीं बैठते हैं.
5. बैठ कर बाथरूम करने से भी किडनी में संकुचन होता है, जिससे उसकी एक्सरसाइज होती है.
6. पहले हमारे घर की महिलायें किचन में बैठ कर खाना बनाती थी, लेकिन अब खड़े होकर रसोई बनती है.
7. अधिकाँश योग के आसनों से भी किडनी में संकुचन होता है, जिससे उसकी एक्सरसाइज होती है.
8. आपको पता ही है कि हमारे मुस्लिम भाइयों में रोज नमाज़ अदा करने की परम्परा है. इसमें की जाने वाली सभी मुद्राओं से भी किडनी में संकुचन होता है, जिससे उसकी एक्सरसाइज होती है. इसलिए उनमें नमाज़ को पांच बार अदा करने की परम्परा सदियों पूर्व से स्थापित की गयी है. उनका बैठने का तरीका भी योग का वज्रासन ही है. इससे भी पाचन और किडनी की प्रणाली को सुचारू रखने में मदद मिलती है.
9. रात्रि को खाना और जमीकंद खाना और शाकाहारी भोजन से भी किडनी को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है.
10. शराब पीना व धूम्रपान या तम्बाखू खाने से किडनी पर बहुत बुरा असर होता है.ते हों, तो इन्हें बंद करें.
11. कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक का प्रयोग बंद कर दें.
12. खाने में नमक कम करें या सिर्फ सेंधा नमक का ही प्रयोग करें.
13. ताजे फल-सब्जी का प्रयोग ज्यादा करें.
14. मोटापा और ज्यादा वजन न बढ़ने दें.
15. रक्तचाप और केलोस्ट्रोल को नियंत्रण में रखें.
16. किसी भी तरह की बीमारी में दर्द या एलर्जी की दवाइयों का प्रयोग न करें.
17. किसी भी बीमारी के उपचार के लिए एलोपैथी या आयुर्वेदिक कम्पनी की दवाई को लम्बे समय तक लेने से भी किडनी हर हाल में सबसे पहले डेमेज होती है.
अगर आप किसी भी तरह को किडनी की बीमारी से बचना चाहते हैं, या अपनी खराब हो रही किडनी को बचाना चाहते हैं, तो उपरोक्त इंडियन वैल्यूज को अपनाएं और स्वस्थ रहें.
किडनी की हो रही किसी भी बीमारी में निम्न उपचार करें -
1. सल्फर 200 को सुबह 7 बजे, दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को आठ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 94 की दो गोली दिन में चार बार लें.
3. HSL कम्पनी की DROX 26 की 20 बूँद आधा कप पानी से दिन में चार बार लें.
4. या फिर WHEEZAL कम्पनी की RENAL FORTE की 20 बूँद आधा कप पानी से दिन में चार से पांच बार लें.
5. साथ ही फेरम फास 6X, केलकेरिया फास 6X, काली फास 6X, काली म्यूर 6X, नेट्रम म्यूर 6X इन सभी की एक-एक गोली की पुडिया बना कर रख लें और फिर एक पुडिया दिन में चार बार लें.
• शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग –
हमेशा स्वस्थ रहने के लिए कोई भी व्यक्ति या परिवार अगर निम्न उपचार द्वारा अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करता है और खान-पान तथा एक्सरसाइज भी निम्न अनुसार लेता है, तो उसे कभी भी कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होगी और वह आजीवन सपरिवार स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेगा -
1. सबसे पहले आप सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200 को, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. इन दवाइयों को लेने के एक हफ्ते बाद हर 15-15 दिन में सोरिनम 200 का मात्र एक-एक पांच बूँद का डोज चार बार तक ले, ताकि आपके शरीर के अंदर जमा दवाई और दूसरे अन्य केमिकल और पेस्टीसाइड के विकार दूर हो सकें और आपके शरीर के सभी ह्रदय, फेफड़े, लीवर, किडनी आदि मुख्य अंग सुचारू रूप से कार्य कर सकेंगे. बच्चों और ज्यादा वृद्धों में ये सभी दवा 30 की पावर में दें.
3. अगर कब्ज रहता हो, तो होम्योलेक्स या HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 67 की एक या आधी गोली रोज रात एक सफ्ताह तक 9.30 बजे लें. इसके बाद हर व्यक्ति को चाहिए कि वह इसे हर हफ्ते एक या आधी गोली रात्रि 9.30 बजे ले.
4. आप सुबह दो से चार गिलास कुनकुना पानी पीकर 5 मिनिट तक कौआ चाल (योग क्रिया) करें.
5. साथ ही पांच या अधिक से अधिक दस बार तक सूर्य नमस्कार करें. फिर 200 से 500 बार तक कपाल-भांति करें. इसके बाद प्राणायाम करें.
6. रोज सुबह और रात को 15-15 मिनिट का शवासन भी करें.
7. फिर एक घंटे बाद अगर सूट करे, तो कम से कम एक माह तक नारियल पानी लें.
8. सुबह और शाम को अगर संभव हो, तो एक घंटा अवश्य घूमें.
9. रात को सोते समय अष्टावक्र गीता में बताये अनुसार दो मिनिट के लिए “मैं स्वयं ही तीन लोक का चैतन्य सम्राट हूँ” ऐसा जाप करें.
10. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के चार्ज किये और मिलाकर बने चुम्बकित जल को लगभग 50 मिलीलीटर की मात्रा में रोज दिन में 3 बार उपयोग करें.
11. रोज सुबह उच्च शक्ति चुम्बकों को हथेलियों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए लगायें और रात्रि को खाने के दो घंटे बाद पैर के तलुवों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए दक्षिणी चुम्बक को बायीं ओर और उत्तरी चुम्बक को दाहिनी ओर लगाये.
12. गेंहू, जौ, देसी चना और सोयाबीन को सम भाग मिलाकर पिसवा ले और उसकी रोटी सादे मसाले की रेशेदार सब्जी से खाएं. दाल का प्रयोग कम कर दें.
13. बारीक आटे व मैदे से बनी वस्तुएं, तली वस्तुएं एव गरिष्ठ भोजन का त्याग करे।
14. सुबह-शाम चाय के स्थान पर नीबू का रस गरम पानी में मिला कर पिएं।
15. खाने में सिर्फ सेंधे नमक का प्रयोग करें.
16. रात को सोने से पहले पेट को ठण्डक पहुँचायें। इसके लिए खाने के चार घंटे बाद एक नेपकिन को सामान्य ठन्डे पानी से गीली करके पेट पर रखें और हर दो मिनिट में पलटते रहें. 15 मिनिट से 20 मिनिट तक इसे करें.
17. मैथी दाना 250 ग्राम, अजबाइन 100 ग्राम और काली जीरी 50 ग्राम को पीस कर इस चूर्ण को कुनकुने पानी से रात्रि 9.30 बजे एक चम्मच लें.
18. रात्रि को खाना और जमीकंद खाना, शराब पीना व धूम्रपान अगर करते हों या तम्बाखू खाते हों, तो इन्हें बंद करें. शाकाहारी भोजन ही लें.
19. अपने शरीर की सालाना ओवरहालिंग के लिए साल में एक बार अपने आसपास के किसी भी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में जाकर वहां का दस दिन का कोर्स करें.
20. अपने घर के बुजुर्ग लोगों की रोज एक घंटे के लिये सेवा और मदद करें.
21. अपने आसपास की झोपड़पट्टी में रहने वाले किसी गरीब व्यक्ति की हर हफ्ते जाकर मदद करें.
22. अध्यात्मिक कैप्सूल के रूप में मेरी पुस्तक मुक्तियाँ की एक-एक मुक्ति तीन माह तक रोज पढ़ें. इससे आपकी नेगेटिव एनर्जी कम होगी और पॉजिटिव एनर्जी बहुत तेजी से बढेगी.
23. मेरी स्वस्थ रहे, स्वस्थ करें, मुक्तियाँ और अन्य कई पुस्तकों को मेरे Samadhan समाधान ग्रुप से निशुल्क डाउन लोड करें. आप चाहे तो अपना email address मेरे मेसेज बाक्स में दे दे, तो मैं आपको डायरेक्ट मेल कर दूंगा.
24. होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब नम्बर से मिलती हैं. इनके नम्बर ध्यान से लिखें. साथ ही होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब में कन्फ्यूज न हों. इन्हें साफ़-साफ़ लिखें.
25. किसी भी गंभीर मरीज को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को तत्काल दिखायें.
26. होम्योपैथी की दवाइयों को मुंह साफ़ करके कुल्ला करके लेना चाहिए. इनको लेते समय किसी भी तरह की सुगन्धित चीजों और प्याज, लहसुन, काफी, हींग और मांसाहार आदि से बचे और दवा लेने के आधा घंटा पहले और बाद में कुछ न लें.
27. हर दिन नई एलोपथिक दवाइयां बन रही हैं और अधिकांश पुरानी दवाइयों के घातक और खतरनाक परिणामों के कारण इन्हें कुछ ही वर्षों में भारत को छोड़ कर विश्व के कई देशों में बेन भी किया जा रहा है.
28. हमें भी चाहिये कि हम मात्र एलोपथिक दवाइयों पर ही निर्भर न रहकर योगासन, सूर्य किरण भोजन, अमृत-जल या सूर्य किरण जल चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, बायोकेमिक दवाइयाँ आदि निर्दोष प्रणालियों को अपना कर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित करें.
29. इस तरह दवा मुक्त विश्व का निर्माण करना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है और इसके लिए आप सभी का सहयोग चाहिये, जो आप मेरे इन सन्देशों को दूर-दूर तक फैला कर मुझे दे सकते हैं.
30. मेरी सभी स्वास्थ्य सम्बन्धी, लोक कल्याण, मानवाधिकार और आध्यात्मिक पोस्ट और पुस्तकों को देखने और उन्हें डाउनलोड करने के लिए आप मेरे ग्रुप “HEALTH CARE स्वस्थ रहो, स्वस्थ करो” और “Samadhan समाधान” से जुड़ सकते हैं और अपने दोस्तों को भी जोड़ सकते हैं.